पन्ना जिले की अजयगढ़ तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत बीहरपुरवा के नयापुरवा में मंगलवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब निर्माणाधीन कुएं की खुदाई के दौरान अचानक मिट्टी धंस गई और कुएं में काम कर रहे मजदूर मलबे में दब गए। हादसे में एक मजदूर की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि अन्य मजदूरों को सुरक्षित निकालने के लिए प्रशासन और रेस्क्यू टीम लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई है। घटना के बाद पूरे गांव में मातम और भय का माहौल बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार ग्राम बीहरपुरवा निवासी बिन्नू अहिरवार के खेत में पिछले करीब दस दिनों से कुएं की खुदाई का कार्य चल रहा था। मंगलवार सुबह लगभग 11 बजे मजदूर कुएं के अंदर उतरकर खुदाई का काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक कुएं की भुसभुसी और कमजोर मिट्टी भरभराकर धंस गई, जिससे कुएं के अंदर मौजूद मजदूर मलबे में दब गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसा इतना अचानक हुआ कि मजदूरों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।बताया जा रहा है कि हादसे के समय कुल सात मजदूर मौके पर मौजूद थे, जिनमें से दो मजदूर पानी पीने के लिए ऊपर आ गए थे, जबकि पांच मजदूर कुएं के अंदर काम कर रहे थे। मिट्टी धंसने के बाद कुएं के अंदर काम कर रहे चुन्नू यादव, राजकुमार यादव, आशीष यादव, चुनवाद पाल सहित अन्य मजदूर मलबे में दब गए। हादसे की सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस, राजस्व विभाग और प्रशासनिक अमला तत्काल मौके पर पहुंचा। रेस्क्यू टीम द्वारा जेसीबी मशीनों की मदद से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद मजदूर राजकुमार यादव का शव मलबे से बाहर निकाला गया, जबकि बाकी मजदूरों की तलाश और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास लगातार जारी है। मौके पर एंबुलेंस और चिकित्सा टीम भी तैनात कर दी गई है।इस दर्दनाक हादसे ने निर्माण कार्यों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस स्थान पर कुएं की खुदाई की जा रही थी वहां की मिट्टी काफी कमजोर और भुरभुरी थी, इसके बावजूद बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों के मजदूरों को कुएं में उतारा गया। अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या खुदाई शुरू करने से पहले तकनीकी जांच कराई गई थी, क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था और आखिर इतनी बड़ी लापरवाही के लिए जिम्मेदार कौन है।फिलहाल प्रशासन की ओर से पूरे मामले की जांच की बात कही जा रही है, हालांकि खबर लिखे जाने तक किसी अधिकारी का आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था। वहीं गांव में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और लोग जल्द से जल्द बाकी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने की दुआ कर रहे हैं।



