विश्व आदिवासी दिवस पर दक्षिण पन्ना वन विभाग की पहल, आदिवासी परिवारों को सर्पदंश से बचाव हेतु मच्छरदानियों का वितरण
_वर्षा ऋतु में रात्रिकालीन सर्पदंश का जोखिम कम करने पर जोर, ग्रामीणों को सर्पदंश की स्थिति में तत्काल अस्पताल जाने और झाड़फूंक से बचने की दी गई समझाइश
विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर दक्षिण पन्ना वनमंडल द्वारा वन क्षेत्रों के आसपास रहने वाले जरूरतमंद आदिवासी एवं वनाश्रित परिवारों के बीच सर्पदंश से बचाव एवं जागरूकता की विशेष पहल की गई। शाहनगर एवं रैपुरा वन परिक्षेत्रों के विभिन्न ग्रामों में विशेषकर महिलाओं एवं सर्पदंश से प्रभावित परिवारों को मच्छरदानियां वितरित की गईं। इसका प्रमुख उद्देश्य वर्षा ऋतु में रात्रि के समय सोते हुए सर्पदंश के जोखिम को कम करना है। साथ ही मच्छरदानियां मच्छरों के काटने एवं मच्छरजनित बीमारियों से बचाव में भी सहायक हैं।शाहनगर परिक्षेत्र की ग्राम वन समिति महेबा/बोरी में उपवनमंडलाधिकारी श्रीमती रचना शर्मा द्वारा उस आदिवासी परिवार की महिलाओं को मच्छरदानियां प्रदान की गईं, जिसके सदस्य श्री धनीराम आदिवासी की दो वर्ष पूर्व सर्पदंश से मृत्यु हो गई थी। इसी क्रम में ग्राम नुनागर एवं बिसानी में भी सर्पदंश से प्रभावित परिवार को मच्छरदानी प्रदान कर ग्रामीणों को समझाइश दी गई कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़फूंक में समय न गंवाते हुए पीड़ित को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं। रैपुरा परिक्षेत्र की ग्राम वन समितियों घुटेही, किशनपाटन, ताखोरी, भरतला एवं बगरोड़ में भी जरूरतमंद परिवारों को मच्छरदानियों का वितरण कर उनके नियमित एवं सही उपयोग के संबंध में जागरूक किया गया।इन गतिविधियों में संबंधित ग्राम वन समितियों के अध्यक्ष एवं सक्रिय सदस्यों के साथ परिक्षेत्र सहायक रंजना नागर, विनीता सिंह एवं रामप्रसाद पटेल, वनपाल प्रेम नारायण वर्मा एवं बद्री प्रसाद यादव, वनरक्षक राजेश यादव, रजनीश चौरसिया, रजनीश दुबे, राघवेन्द्र पांडे एवं रचना जादौन सहित वन अमला, सुरक्षा श्रमिक एवं स्थानीय ग्रामीण सहभागी रहे।



