शाहनगर /पन्ना ,,दीपावली पर्व के उल्लास और भारतीय संस्कृति, धर्म एवं आध्यात्मिक परंपराओं को जीवंत करने के उद्देश्य से पन्ना जिले के शाहनगर स्थित बीपी मेमोरियल स्कूल में बालवाटिका थीम पर आधारित भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों, आकर्षक वेशभूषा और शानदार अभिनय से उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया। पूरा आयोजन धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रंगों से सराबोर नजर आया।
कार्यक्रम का शुभारंभ शाम लगभग 6 बजे मां सरस्वती के पूजन एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इसके पश्चात सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का सिलसिला शुरू हुआ। कार्यक्रम में बच्चों ने भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत और धार्मिक प्रसंगों को मंच पर बेहद सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया।

बालवाटिका के नन्हे कलाकारों ने रामायण के विभिन्न पात्रों का रूप धारण कर दर्शकों के सामने भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, हनुमान जी सहित रावण और मंदोदरी के किरदारों का जीवंत चित्रण किया। बच्चों की प्रस्तुति में जहां भगवान श्रीराम के आदर्श, मर्यादा और धर्म का संदेश देखने को मिला, वहीं रावण के किरदार के माध्यम से अहंकार और क्रोध के विनाशकारी परिणामों को भी प्रभावशाली तरीके से दर्शाया गया।
रावण का किरदार निभाने वाले नन्हे कलाकार ने अपने संवादों के माध्यम से संदेश दिया कि रावण अत्यंत शक्तिशाली और विद्वान होने के बावजूद अपने अहंकार और क्रोध के कारण विनाश को प्राप्त हुआ। इससे यह सीख मिलती है कि मनुष्य चाहे कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, यदि उसमें अहंकार आ जाए तो उसका पतन निश्चित है। अंततः सत्य, धर्म और अच्छाई की ही विजय होती है।

वहीं रामायण काल के महत्वपूर्ण पात्र नारद मुनि के रूप में भी बच्चों ने अपनी प्रस्तुति दी और धार्मिक प्रसंगों को रोचक अंदाज में प्रस्तुत कर कार्यक्रम में विशेष आकर्षण पैदा किया। इसके साथ ही विद्यालय की छात्राओं ने मनमोहक सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय परंपरा और उत्सवों की सुंदर झलक दिखाई।
कार्यक्रम में समुद्र मंथन की पौराणिक कथा का भी मंचन किया गया। बच्चों ने इस प्रसंग के माध्यम से समुद्र मंथन की कथा और उससे जुड़े धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व को दर्शाया। वहीं दीपावली पर्व क्यों मनाया जाता है, इसके पीछे की धार्मिक मान्यताओं और भगवान श्रीराम के अयोध्या आगमन से जुड़े प्रसंग को भी बच्चों ने अपने किरदारों और संवादों के माध्यम से प्रस्तुत किया। इन प्रस्तुतियों के जरिए बच्चों ने उपस्थित लोगों को भारतीय संस्कृति, पौराणिक इतिहास और धार्मिक परंपराओं से परिचित कराया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्री दामोदर प्रसाद तिवारी उपस्थित रहे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में संस्थान की संस्थापक एवं संरक्षक श्रीमती मालती देवी ताम्रकार , गौरव ताम्रकार ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम के सफल संचालन की जिम्मेदारी संचालक गौरव ताम्रकार के मार्गदर्शन में मंच संचालिका प्रीति द्विवेदी एवं खुशबू अहिरवार ने निभाई। वहीं बालवाटिका प्रभारी श्रीमती पूनम ताम्रकार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में भाग लेने वाले सभी नन्हे-मुन्ने प्रतिभागियों को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। बच्चों के चेहरों पर पुरस्कार प्राप्त करने की खुशी और अभिभावकों के चेहरे पर अपने बच्चों की प्रतिभा देखकर गर्व साफ दिखाई दिया।
बीपी मेमोरियल स्कूल का यह आयोजन केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके माध्यम से नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, रामायण के आदर्शों, धार्मिक आस्था, आध्यात्मिक मूल्यों और सत्य की महत्ता से जोड़ने का सार्थक प्रयास किया गया। ऐसे आयोजन बच्चों के अंदर छिपी प्रतिभा को मंच प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें अपनी सांस्कृतिक विरासत और नैतिक मूल्यों से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।



