(पन्ना) दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के विरोध में शाहनगर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार शाहनगर के माध्यम से सौंपा। ज्ञापन में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज और बल प्रयोग की घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों के विरुद्ध बताया गया।ज्ञापन में कहा गया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक नागरिक को अपनी न्यायसंगत मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से रखने और प्रदर्शन करने का अधिकार प्राप्त है। ऐसे में दिल्ली में छात्रों और प्रदर्शनकारियों पर पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण, निंदनीय एवं मानवाधिकारों के विपरीत है। ज्ञापन के अनुसार इस कार्रवाई में कई छात्र-छात्राएं घायल हुए, जिससे पूरे देश के विद्यार्थियों और आम नागरिकों में रोष व्याप्त है।ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने राष्ट्रपति से मांग की कि शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से विचार किया जाए तथा परीक्षा में कथित अनियमितताओं और व्यवस्थागत विफलताओं पर संसद में विस्तृत चर्चा कराई जाए, जिससे लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े प्रश्नों का समाधान हो सके। ज्ञापन में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग भी की गई। इसके साथ ही नई दिल्ली में हुए छात्र आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध दर्ज एफआईआर और अन्य आपराधिक प्रकरण वापस लेने की मांग की गई। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी एवं सांसद प्रियंका गांधी के साथ कथित दुर्व्यवहार की घटना निंदनीय है और इसकी निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।

साथ ही भविष्य में देशभर में छात्रों और नागरिकों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी रखी गई।ज्ञापन सौंपने के दौरान ब्लॉक अध्यक्ष छबीलाल चौधरी, जिला उपाध्यक्ष रवेंद्र सिंह बुंदेला मुन्ना राजा, महासचिव शालिग्राम गौतम, वरिष्ठ कार्यकर्ता राधेश्याम बृजपुरिया, सचिव भगवान दास साहू, राम प्यारे मिश्रा, केदार लखेरा, शिवेंद्र प्रताप सिंह, भरत सिंह, अनिल सिंह, ताज मोहम्मद, इंद्र सिंह, सागर लखेरा, चंद्रभान सिंह धुर्वे, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष मल्थु प्रजापति, भीष्म सिंह पटेल, चैन सिंह, रवि चौधरी, कालूराम चौधरी, बारेलाल चौधरी, नरेश प्रताप सिंह, पन्नालाल चौधरी, रमेश कुमार प्रजापति सहित शाहनगर ब्लॉक कांग्रेस के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति व्यक्त करना और अपनी मांगों को शांतिपूर्ण ढंग से रखना नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने अपेक्षा जताई कि केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियां छात्रों की मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार करें तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
खबर प्रकाशित होने तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।



