

जबलपुर दर्पण । देश के नागरिकों का स्वास्थ्य बेहतर रहे, यह सरकारों की प्राथमिक मंशा है। विशेषकर देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री डाॅं. मोहन यादव जी के द्वारा इसके लिए सतत् प्रयास किये जा रहे हैं तथा योजनाएॅं क्रियान्वित कराई जा रही है। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 लागू करने तथा उसका पालन करने के संबंध में आमजनमानस में जागरूकता फैलाने तथा देने के उद्देश्य से आयोजित कार्यशाला में महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू ने अपने विचार व्यक्त किये। इस अवसर पर उन्होंने यह भी बताया कि स्वस्थ जीवन के लिए हमारे आस-पास स्वच्छता का होना अत्यंत आवश्यक है।
कार्यशाला के दौरान महापौर श्री अन्नू ने जबलपुर की विशिष्ट उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि जबलपुर देश के उन गिने-चुने सौभाग्यशाली शहरों में शामिल है, जहाँ कचरे से बिजली का उत्पादन सफलतापूर्वक किया जा रहा है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय शहर के जागरूक और देवतुल्य नागरिकों को देते हुए कहा कि जनता के निरंतर सहयोग से ही जबलपुर की पहचान आज राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित हुई है।
1 अप्रैल से लागू है ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महापौर ने जानकारी दी कि शहर में 1 अप्रैल से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 प्रभावी रूप से लागू हो चुका है, जिसका पालन करना हम सभी नागरिकों का नैतिक एवं कानूनी दायित्व है। उन्होंने बताया कि नियमों के अंतर्गत उल्लंघन करने पर दंड का प्रावधान भी किया गया है, परंतु निगम की प्राथमिकता दंडात्मक कार्रवाई के स्थान पर जन-सहयोग प्राप्त करना है। महापौर ने सहृदयतापूर्वक अपील करते हुए कहा कि आप सभी हमारे देवतुल्य नागरिक हैं। हमारा आपसे विनम्र अनुरोध है कि स्वच्छता नियमों का सहर्ष पालन करें और अपने शहर को साफ, स्वच्छ व सुंदर बनाए रखने में नगर प्रशासन का हाथ बटाएं।
संस्कारधानी की साख बढ़ाने निरंतर जारी रहेंगे सकारात्मक प्रयास
महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू ने विश्वास व्यक्त किया कि संस्कारधानी जबलपुर की साख और गौरव में वृद्धि के लिए नगर निगम हर संभव सकारात्मक कार्य करता रहेगा। कार्यशाला में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी नागरिकों के साथ मिलकर स्वच्छता अभियान को नई ऊँचाइयों पर ले जाने का संकल्प दिलाया गया।
थोक कचरा उत्पादकों के कर्तव्य
महापौर श्री अन्नू ने कहा कि थोक कचरा उत्पादकों के कर्तव्य है कि परिसर में पर्याप्त संख्या में रंग कोडित डस्टबिन उपलब्ध हों, कर्मचारियों, निवासियों एवं आगंतुकों को कचरा पृथक्करण के लिए जागरूक किया जाए, अधिकृत एजेंसी के माध्यम से नियमित संग्रहण एवं परिवहन सुनिश्चित किया जाए, आवश्यकतानुसार रिकार्ड एवं जानकारी स्थानीय निकाय को उपलब्ध कराई जाए, पुनर्चक्रण योग्य सामग्री को अधिकतम रीसाइक्लिंग हेतु भेजा जाए तथा लैंडफिल पर निर्भरता कम की जाए, नियमों का उल्लंघन होने पर पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति एवं अन्य वैधानिक कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। महापौर श्री अन्नू ने बताया कि बल्क वेस्ट जनरेटर्स को केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अधिकारिक बेबसाइट पर पंजीयन भी कराना अनिवार्य होगा।
कार्यशाला में होटल, रेस्टोरेन्ट, अस्पताल, मैरिज गार्डन, कैटरिंग, एसोसिएशन तथा रेजिडेंशियल वेलफेयर सोसायटी के अलावा अन्य लोगों ने भाग लेकर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के प्रावधानों की जानकारी ली और पालन करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर नगर निगम के अध्यक्ष रिकुंज विज, एम.आई.सी. सदस्य श्रीमती रजनी कैलाश साहू, श्रीमती अंशुल राघवेन्द्र यादव, डाॅं. सुभाष तिवारी, विवेक राम सोनकर, दामोदर सोनी, कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह, निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार, के साथ नगर निगम के सभी अपर आयुक्त, अधीक्षण यंत्री, उपायुक्त, सहायक आयुक्त, एवं विभागीय प्रमुख आदि उपस्थित रहे।



