मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर दक्षिण पन्ना वनमंडल के पाँच वनकर्मी राज्यस्तरीय सम्मान से होंगे सम्मानित_भोपाल के वन भवन में वन बल प्रमुख द्वारा कमेंडेशन डिस्क एवं प्रशस्ति पत्र से किया जाएगा सम्मानित_
मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर 1 नवंबर 2026 को भोपाल स्थित वन भवन में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में दक्षिण पन्ना वनमंडल के पाँच वनकर्मियों को उत्कृष्ट सेवाओं एवं उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख (HoFF) कमेंडेशन डिस्क एवं प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जाएगा। प्रदेशभर से चयनित कुल 26 वन अधिकारियों एवं कर्मचारियों में दक्षिण पन्ना वनमंडल के श्री वीरेन्द्र पटेल, वनरक्षक, श्री आशीष कुमार पाण्डेय, वनपाल, श्री दिनेश राठौर, वनरक्षक, श्री रामजी गर्ग, वनरक्षक एवं श्री जगदीश प्रसाद अहिरवार, वनपाल शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त पन्ना टाइगर रिजर्व के वनक्षेत्रपाल श्री राजेन्द्र प्रसाद अरजरिया को भी इस सम्मान के लिए चयनित किया गया है।श्री वीरेन्द्र पटेल, वनरक्षक ने वनाग्नि की रोकथाम, वन्यजीवों के सुरक्षित रेस्क्यू तथा जनजागरूकता के क्षेत्र में सराहनीय कार्य किया है। उनके उल्लेखनीय प्रयासों में नीलगाय, भारतीय फ्लैपशेल कछुए के बच्चे एवं सांभर का सुरक्षित रेस्क्यू तथा लगभग 100 पक्षी प्रजातियों का दस्तावेजीकरण शामिल है। श्री आशीष कुमार पाण्डेय, वनपाल ने लगभग 56 हेक्टेयर अतिक्रमणमुक्त वनभूमि का पुनर्वनीकरण तथा वन्यजीवों के लिए 6 प्राकृतिक जलस्रोतों के पुनर्जीवन में महत्वपूर्ण योगदान दिया। साथ ही, वन्यजीव संरक्षण एवं ग्रीन इंडिया मिशन के अंतर्गत युवाओं के कौशल प्रशिक्षण और रोजगार से जुड़ी पहल में भी सक्रिय भूमिका निभाई।श्री दिनेश राठौर, वनरक्षक ने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में एक बड़े क्षेत्र में लाखों पौधों के रोपण हेतु स्थल तैयारी का चुनौतीपूर्ण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराया। इस दौरान श्रमिकों, मशीनरी, पेयजल एवं अन्य व्यवस्थाओं का प्रभावी समन्वय उनकी कार्यकुशलता का परिचायक रहा। श्री रामजी गर्ग, वनरक्षक ने सांभर, चीतल एवं जंगली सूअर के अवैध शिकार के चार प्रकरणों में छह आरोपियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई, 7 वन्यप्राणियों का सुरक्षित रेस्क्यू, वनभूमि से अतिक्रमण हटाने तथा अवैध कटाई के प्रकरणों में लकड़ी एवं उपकरणों की जब्ती जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए हैं।

श्री जगदीश प्रसाद अहिरवार, वनपाल ने वन संरक्षण के साथ जैव विविधता के दस्तावेजीकरण में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उनके प्रयासों से 129 प्रकार के औषधीय पौधों का संकलन कर एक पुस्तक तैयार की गई, जिसका उल्लेख प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 25 जनवरी 2026 को मन की बात कार्यक्रम में भी किया गया। इसके अतिरिक्त ग्राम वन समिति एवं स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से सैकड़ों विरासत वृक्षों की पहचान तथा वनभूमि को अतिक्रमण से सुरक्षित रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।इन वनकर्मियों की उपलब्धियाँ वन एवं वन्यजीव संरक्षण, वनाग्नि प्रबंधन, अतिक्रमण की रोकथाम, वनीकरण, जैव विविधता संरक्षण तथा जनसहभागिता जैसे विविध क्षेत्रों में दक्षिण पन्ना वनमंडल द्वारा किए जा रहे प्रयासों को रेखांकित करती हैं। विशेष उल्लेखनीय है कि वन संरक्षण के चुनौतीपूर्ण दायित्वों का निर्वहन करते हुए इन कर्मचारियों ने नियमित शासकीय कार्यों से आगे बढ़कर नवाचार, समर्पण और व्यक्तिगत पहल का परिचय दिया है। प्रदेशभर से चयनित 26 अधिकारियों एवं कर्मचारियों में दक्षिण पन्ना वनमंडल के 5 वनकर्मियों का शामिल होना न केवल दक्षिण पन्ना वन विभाग, बल्कि संपूर्ण पन्ना जिले के लिए गौरव और हर्ष का विषय है। यह उपलब्धि अन्य वनकर्मियों को भी निष्ठा, समर्पण एवं उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रेरित करेगी।



