मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर रविवार को भोपाल स्थित वन भवन में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में सागर संभाग के अंतर्गत दक्षिण पन्ना वनमंडल के पांच वनकर्मियों को उत्कृष्ट सेवाओं एवं उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख की ओर से कमेंडेशन डिस्क एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस वर्ष प्रदेशभर से प्राप्त प्रस्तावों में से 26 वन अधिकारियों एवं कर्मचारियों का चयन इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए किया गया, जिनमें अकेले दक्षिण पन्ना वनमंडल के 5 वनकर्मी शामिल हैं। सम्मानित कर्मचारियों में वीरेन्द्र पटेल, वनरक्षक, आशीष कुमार पाण्डेय, वनपाल, दिनेश राठौर, वनरक्षक, रामजी गर्ग, वनरक्षक एवं जगदीश प्रसाद अहिरवार, वनपाल शामिल हैं। इसके अतिरिक्त पन्ना टाइगर रिजर्व के वनक्षेत्रपाल राजेन्द्र प्रसाद अरजरिया को भी इस सम्मान से सम्मानित किया गया।वीरेन्द्र पटेल, वनरक्षक ने वनाग्नि की रोकथाम, वन्यजीवों के सुरक्षित रेस्क्यू तथा जनजागरूकता के क्षेत्र में सराहनीय कार्य किया है। उनके उल्लेखनीय प्रयासों में नीलगाय, भारतीय फ्लैपशेल कछुए के बच्चों एवं सांभर का सुरक्षित रेस्क्यू तथा लगभग 100 पक्षी प्रजातियों का दस्तावेजीकरण शामिल है। आशीष कुमार पाण्डेय, वनपाल ने 56 हेक्टेयर अतिक्रमणमुक्त वनभूमि का पुनर्वनीकरण तथा वन्यजीवों के लिए छह प्राकृतिक जलस्रोतों के पुनर्जीवन में महत्वपूर्ण योगदान दिया। साथ ही वन्यजीव संरक्षण एवं हरित भारत मिशन के अंतर्गत युवतियों के कौशल प्रशिक्षण और रोजगार से जुड़ी पहल में भी सक्रिय भूमिका निभाई। इसी तरह दिनेश राठौर, वनरक्षक ने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में पौधों के रोपण हेतु स्थल तैयारी का चुनौती पूर्ण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराया।

इस दौरान श्रमिकों, मशीनरी, पेयजल एवं अन्य व्यवस्थाओं का प्रभावी समन्वय उनकी कार्यकुशलता का परिचायक रहा। रामजी गर्ग, वनरक्षक ने सांभर, चीतल एवं जंगली सूअर के अवैध शिकार के 4 प्रकरणों में 6 आरोपियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई, 7 वन्यप्राणियों का सुरक्षित रेस्क्यू, वनभूमि से अतिक्रमण हटाने तथा अवैध कटाई के प्रकरणों में लकड़ी एवं उपकरणों की जब्ती जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए हैं।जगदीश प्रसाद अहिरवार, वनपाल ने वन संरक्षण के साथ जैव विविधता के दस्तावेजीकरण में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उनके प्रयासों से 129 प्रकार के औषधीय पौधों का संकलन कर एक पुस्तक तैयार की गई, जिसका उल्लेख प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 25 जनवरी 2026 को मन की बात कार्यक्रम में भी किया गया। इसके अतिरिक्त ग्राम वन समिति एवं स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से कई विरासत वृक्षों की पहचान तथा वनभूमि को अतिक्रमण से सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गई।उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा वर्ष 2022 से प्रारंभ किए गए इस सम्मान के अंतर्गत वन सुरक्षा, वन्यजीव संरक्षण, वनीकरण, नवाचार एवं अन्य उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रतिवर्ष चयनित वन अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्मानित किया जाता है। इस वर्ष चयनित 26 कर्मचारियों में 6 वनक्षेत्रपाल, 7 वनपाल एवं 13 वनरक्षक शामिल हैं।

दक्षिण पन्ना वनमंडल के पांच वनकर्मियों को एक साथ यह सम्मान मिलना विभाग में वन एवं वन्यजीव संरक्षण, वनीकरण, अतिक्रमण की रोकथाम तथा जनसहभागिता के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह सम्मान न केवल दक्षिण पन्ना वनमंडल एवं वन विभाग, बल्कि संपूर्ण पन्ना जिले के लिए गौरव और हर्ष का विषय है। साथ ही यह उपलब्धि अन्य वनकर्मियों को भी कर्त्तव्यनिष्ठा, समर्पण एवं उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रेरित करेगी।



