नीलाद्रि किड्स प्ले स्कूल के गरबा महोत्सव में झूम उठा शाहनगर, तहसीलदार से लेकर बच्चों और महिलाओं तक ने किया डांडिया
शरद पूर्णिमा पर नगर में पहली बार हुआ भव्य गरबा महोत्सव, छात्र-छात्राओं और अभिभावकों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने कार्यक्रम को बनाया यादगार
पन्ना/शाहनगर – शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर शाहनगर नगर में नीलाद्रि किड्स प्ले स्कूल द्वारा आयोजित गरबा महोत्सव उत्साह, उमंग और सांस्कृतिक उल्लास के बीच संपन्न हुआ। नगर में पहली बार आयोजित इस तरह के गरबा महोत्सव में बच्चों, युवाओं, महिलाओं, अभिभावकों और गणमान्य नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। रंग-बिरंगे परिधानों, डांडिया की खनक और पारंपरिक गरबा नृत्य ने पूरे आयोजन स्थल को उत्सवमय बना दिया। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों की सहभागिता ने भी आयोजन को विशेष पहचान दी।
सरस्वती पूजन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
गरबा महोत्सव का शुभारंभ मां सरस्वती के पूजन के साथ किया गया। इस अवसर पर शाहनगर की तहसीलदार श्रीमती कोमल सिंह, एनसीसी अधिकारी एवं शिक्षक श्री अखिलेश मिश्रा, विद्यालय के प्राचार्य इंजीनियर हनुमत पटेल तथा शिक्षिका नैंसी सिंह सहित अन्य उपस्थित जनों ने पूजन-अर्चन कर कार्यक्रम का विधिवत आरंभ किया। आयोजन का उद्देश्य बच्चों को भारतीय संस्कृति, पारंपरिक लोकनृत्य और सामूहिक सहभागिता से जोड़ना रहा।
छात्र-छात्राओं की टोलियों ने डांडिया नृत्य से बांधा समां
महोत्सव के दौरान विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने अलग-अलग टोलियों में शामिल होकर गरबा और डांडिया नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। बच्चों के उत्साह और तालमेल ने उपस्थित दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। नन्हे-मुन्ने बच्चों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में विशेष आकर्षण पैदा किया और अभिभावकों ने तालियों के साथ उनका उत्साहवर्धन किया।

कार्यक्रम की खास बात यह रही कि आयोजन केवल बच्चों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अभिभावकों ने भी पूरे उत्साह के साथ डांडिया नृत्य में भाग लिया। माता-पिता की सहभागिता ने विद्यालय और परिवारों के बीच आपसी जुड़ाव को मजबूत करने का संदेश दिया। बच्चों के साथ अभिभावकों को पारंपरिक नृत्य करते देख आयोजन स्थल पर उत्सव का माहौल और भी जीवंत हो उठा।
तहसीलदार कोमल सिंह ने अभिभावक की भूमिका में बढ़ाया उत्साह
गरबा महोत्सव का प्रमुख आकर्षण शाहनगर तहसीलदार श्रीमती कोमल सिंह की सहभागिता रही। उन्होंने औपचारिक उपस्थिति तक सीमित रहने के बजाय अभिभावक की भूमिका निभाते हुए सभी के साथ गरबा और डांडिया नृत्य में हिस्सा लिया। उनकी सहज सहभागिता ने बच्चों, महिलाओं और अन्य उपस्थित लोगों का उत्साह बढ़ाया। प्रशासनिक अधिकारी की इस आत्मीय भागीदारी को आयोजन में सामाजिक समरसता और सामुदायिक जुड़ाव के रूप में देखा गया।
राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों सहित गणमान्य नागरिक रहे उपस्थित
कार्यक्रम में राजस्व परिवार के सदस्यों की भी उपस्थिति रही। पटवारी उमेश पटेल, हरदास पटेल और प्रतीक सिंह सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारियों ने आयोजन में सहभागिता की। इसके अतिरिक्त अधिवक्ता भीषम सिंह, दीपक गुप्ता, मनीष जैन, इंद्र सिंह, जय सिंह, राठौर, प्रकाश गुप्ता, एसडीओ श्री तुलसी राम पटेल, रामस्वरूप यादव, रोशन जार और भैया राजा सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने आयोजन की सराहना करते हुए बच्चों और अभिभावकों के उत्साह को प्रोत्साहित किया।
विद्यालय की शिक्षिकाओं और स्टाफ का रहा विशेष योगदान
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में नीलाद्रि किड्स प्ले स्कूल के समस्त स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। शिक्षिकाओं नैंसी सिंह, आशी जैन, सौम्या जैन, रोशनी जैन, अनामिका सिंह, सृष्टि जैन, गायत्री मैम और सुमन गोस्वामी सहित विद्यालय परिवार के सदस्यों ने व्यवस्थाओं में योगदान दिया।

अभिभावकों ने भी पूरे सहयोग और निष्ठा के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।
अखिलेश मिश्रा ने किया मंच संचालन, नैंसी सिंह ने जताया आभार
कार्यक्रम का विधिवत मंच संचालन शिक्षक एवं एनसीसी अधिकारी श्री अखिलेश मिश्रा ने किया। उनके संचालन ने आयोजन को सुव्यवस्थित और रोचक बनाए रखा। कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय की शिक्षिका नैंसी सिंह ने उपस्थित अतिथियों, अभिभावकों, गणमान्य नागरिकों तथा आयोजन में सहयोग देने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
प्राचार्य हनुमत पटेल ने शिक्षिकाओं के योगदान को सराहा
विद्यालय के प्राचार्य इंजीनियर हनुमत पटेल ने गरबा महोत्सव की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विद्यालय की शिक्षिकाओं और समस्त स्टाफ के योगदान की सराहना की। उन्होंने अपने स्टाफ को विद्यालय की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि सामूहिक प्रयास, समर्पण और सहयोग से ही ऐसे आयोजन सफल बनते हैं। उन्होंने अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी को भी महत्वपूर्ण बताया।
नीलाद्रि किड्स प्ले स्कूल का यह गरबा महोत्सव सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने, बच्चों में आत्मविश्वास विकसित करने और विद्यालय तथा समाज के बीच मजबूत संबंध स्थापित करने की दिशा में एक सराहनीय पहल के रूप में सामने आया। शरद पूर्णिमा की चांदनी और डांडिया की गूंज के बीच आयोजित इस कार्यक्रम ने शाहनगर में उत्सव की ऐसी छाप छोड़ी, जिसे उपस्थित लोग लंबे समय तक याद रखेंगे।



