मध्य प्रदेश के पन्ना जिले की ग्राम पंचायत शाहनगर ने ग्रामीण विकास, डिजिटल व्यवस्था और जनकल्याण के क्षेत्र में एक ऐसी मिसाल पेश की है, जिसकी गूंज अब राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच गई है। शाहनगर ग्राम पंचायत के सरपंच मनोज कुमार जैन को उनके उत्कृष्ट कार्यों और ग्रामीण विकास में उल्लेखनीय योगदान के लिए भारत प्रतिभा सम्मान 2026 के लिए नामित किया गया है।1 नवंबर यानी कल रविवार मध्यप्रदेश राज्य के 71वें स्थापना दिवस के शुभ दिन पर देश की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित होने वाले आठवें भारत प्रतिभा सम्मान समारोह में उन्हें सम्मानित किया जाएगा। इस समारोह में देश की विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली 30 प्रतिभाओं को 16 श्रेणियों में सम्मानित किया जाएगा दरअसल, पन्ना जिले की ग्राम पंचायत शाहनगर के सरपंच मनोज कुमार जैन ने अपने कार्यकाल में पंचायत को विकास, स्वच्छता, डिजिटल प्रशासन और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की हैं।उनके नेतृत्व में शाहनगर ग्राम पंचायत ने पंचायत नागरिक सेवा पोर्टल की रैंकिंग में ऑनलाइन कर संग्रहण के मामले में मध्य प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया।आंकड़ों के मुताबिक पंचायत में 8 हजार 49 डिजिटल लेनदेन के माध्यम से लगभग 4 लाख 55 हजार रुपये का कर संग्रहण किया गया। यह उपलब्धि ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल व्यवस्था को अपनाने और पंचायत की आर्थिक स्थिति मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान
मनोज कुमार जैन और सचिव कुलभूषण चतुर्वेदी के कार्यों को इससे पहले भी कई स्तरों पर सराहना मिल चुकी है।प्राप्त जानकारी के 4 नवंबर 2025 को मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा उन्हें सम्मानित किया गया था। वहीं 24 जुलाई 2026 को कर वसूली के क्षेत्र में पुनः सम्मान मिला।इसके अलावा 3 सितंबर 2026 को पन्ना में आयोजित मध्य प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संभागीय सम्मेलन में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर एवं प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार की उपस्थिति में उत्कृष्ट नवाचार के लिए उन्हें प्रशस्ति पत्र और शील्ड प्रदान की गई।ग्राम पंचायत शाहनगर को 24 से 26 नवंबर 2025 के दौरान आत्मनिर्भर पंचायत एवं आदर्श पंचायत का दर्जा भी प्राप्त हुआ। वहीं 8 और 9 जनवरी 2026 को महाराष्ट्र के पुणे में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में शाहनगर पंचायत की मातृ-शिशु किट और पोषण संबंधी योजनाओं की सराहना की गई।
विकास कार्यों से बदली शाहनगर की तस्वीर
शाहनगर ग्राम पंचायत में विकास को केवल सड़कों और भवनों तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान को भी प्राथमिकता दी गई।पंचायत परिसर में वाटरफॉल और गार्डन का निर्माण, जन पुस्तकालय की स्थापना, मुख्य द्वार पर आकर्षक लाइटिंग, स्वामी विवेकानंद की आदमकद प्रतिमा, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्मारक और गांधी स्मारक का सुदृढ़ीकरण जैसे कार्य कराए गए।इसके अलावा बीटी रोड का डामरीकरण, पिपरिया ज्योतिषी में भव्य प्रवेश द्वार, श्मशान घाट निर्माण, नगर में डिवाइडर, सीसीटीवी कैमरे, पेयजल पाइपलाइन का विस्तार और डबल स्टोरी दुकानों का निर्माण भी कराया गया।नगर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने के लिए महाराणा प्रताप और पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमाएं भी स्थापित कराई गईं।महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नगर में हैलोजन लाइटें लगाई गईं और महिला पिंक टॉयलेट का निर्माण कराया गया।
स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की पहल
स्वच्छता के क्षेत्र में भी शाहनगर पंचायत ने कई नवाचार किए हैं। पंचायत में अतिरिक्त सफाई कर्मचारियों की व्यवस्था के साथ प्रतिदिन कचरा वाहन का संचालन किया जा रहा है।फरवरी 2025 में प्लास्टिक मुक्त अभियान चलाया गया। इसके साथ ही प्लास्टिक पॉलीथिन पर प्रतिबंध लगाने और डिटर्जेंट के इस्तेमाल को कम करने के उद्देश्य से धातु के बर्तनों का बैंक स्थापित किया गया।इस पहल के तहत लगभग 1100 बर्तनों का सेट तैयार किया गया। पर्यावरण संरक्षण की इस पहल को देखने के लिए मार्च 2025 में वाशिंगटन की एक राष्ट्रीय टीम द्वारा भी पंचायत का भ्रमण किए जाने का उल्लेख दस्तावेजों में है।

महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा
मनोज कुमार जैन के नेतृत्व में पंचायत में महिला एवं बाल कल्याण को भी विशेष महत्व दिया गया।मातृ-शिशु किट योजना, महिलाओं के लिए पोषण आहार किट, बालिका एवं महिला सभाओं का आयोजन, प्रसव वाहन की व्यवस्था और महिला सम्मान समारोह जैसी पहल की गईं।वहीं सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में पंचायत की अपनी आय से प्रत्येक मृत्यु पर 1000 रुपये की अंत्येष्टि सहायता राशि देने की व्यवस्था शुरू की गई।इसके अलावा बुजुर्गों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों का सम्मान, बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ने के लिए सर्वेक्षण, महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी कार्यक्रम और सफाई मित्रों के सम्मान जैसे कार्य भी किए गए।पंचायत में ग्राम कर्मचारियों के लिए ड्रेस कोड, समझौते से समाधान योजना, ग्राम पंचायत चंडी मेला और अन्य नवाचारों के माध्यम से प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने का प्रयास किया गया।
सरपंच और सचिव की सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका
सरपंच मनोज कुमार जैन और सचिव कुलभूषण चतुर्वेदी के केवल पंचायत प्रशासन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों में भी लंबे समय से सक्रिय रहे हैं।दस्तावेजों के अनुसार, वर्ष 1997 से जैन समाज के युवा मंडल और धार्मिक आयोजनों में उनकी सक्रिय भूमिका रही है।

तीर्थ क्षेत्र बलहरी, जिला कटनी में भी वे विभिन्न सामाजिक और धार्मिक दायित्वों से जुड़े रहे हैं। इसके साथ ही तारण तरण जैन महासभा न्यास में राष्ट्रीय मंत्री का दायित्व भी संभाल रहे हैं।वर्ष 2010 से लोकसेवा एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उनकी निरंतर सक्रियता का उल्लेख भी नामांकन दस्तावेज में किया गया है।
कल दिल्ली में होगा राष्ट्रीय सम्मान समारोह
अब इन तमाम उपलब्धियों के बीच शाहनगर ग्राम पंचायत के लिए एक और गौरवपूर्ण अवसर सामने आया है।भारत प्रतिभा सम्मान परिषद द्वारा आयोजित आठवां भारत प्रतिभा सम्मान समारोह 2026 रविवार, 1 नवंबर को नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा।समारोह का आयोजन नेशनल साइंस सेंटर ऑडिटोरियम, प्रगति मैदान, भैरों मार्ग, नई दिल्ली में दोपहर 1 बजे से शाम 4 बजे तक निर्धारित है।आयोजन में मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों के रूप में पद्मश्री सम्मानित कृषि वैज्ञानिक राम चेत चौधरी, भारत सरकार की पूर्व विदेश राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी और पद्मश्री सम्मानित प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना शोवना नारायण की उपस्थिति रहेगी।इस समारोह में देशभर की 30 प्रतिभाओं को 16 विभिन्न श्रेणियों में उनके उत्कृष्ट सामाजिक एवं राष्ट्रीय योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा।शाहनगर के सरपंच मनोज कुमार जैन का चयन भी ग्रामीण विकास, डिजिटल प्रशासन, पंचायत को आत्मनिर्भर बनाने और सामाजिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में किए गए कार्यों के लिए किया गया है।पन्ना जिले की ग्राम पंचायत शाहनगर की यह उपलब्धि केवल एक सरपंच का व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि पन्ना जिले और मध्य प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी गौरव का विषय है।यह कहानी बताती है कि यदि स्थानीय नेतृत्व के पास दूरदर्शी सोच, काम करने की इच्छाशक्ति और जनता के प्रति समर्पण हो, तो एक छोटी सी ग्राम पंचायत भी विकास और नवाचार के मामले में राष्ट्रीय पहचान बना सकती है।



